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    ऐतिहासिक

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    मोटी दमण किला

    मोटी दमण किले का निर्माण 1559 ई. में शुरू हुआ और 1581 ई. में इसे अंतिम रूप दिया गया, जब दमण एक पुर्तगाली अंतःक्षेत्र था। किले की छान-बीन करना दमण के इतिहास की एक झलक पाने का अवसर है जब आप इसके चारों ओर चलते हैं और इसमें शामिल क्षेत्रों पर एक विहंगम दृष्टि डालते […]

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    बोकेज सदन– मोटी दमण किला (कविकार का घर)

    कम प्रचारित होने और जागरूकता के अभाव के कारण बोकेज सदन (द पोएट हाउस) अक्सर पर्यटकों की नजर से चूक जाता है। हालाँकि, इससे जुड़ा लघु इतिहास दिलचस्प है। इनका नाम एक पुर्तगाली नव-शास्त्रीय कवि मैनुअल मारिया बारबोसा दु बोकेज (लेखकीय नाम: एल्मानी सदिनो) के नाम पर रखा गया है, जिन्हें 1786 में पुर्तगाली नौसेना […]

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    सेंट जेरोम का किला, दमण

    दमण को 1531 में पुर्तगालियों द्वारा इसके गुजराती शासक से लिया गया था, लेकिन 1559 में ही गुजरात के सुल्तान बहादुर शाह द्वारा पुर्तगालियों को आधिकारिक तौर पर सौंप दिया गया था। 1539 में गुजरात के सुल्तान बहादुर शाह द्वारा शांति संधि पर हस्ताक्षर करने के बाद दीव एक पुर्तगाली उपनिवेश बन गया। वर्ष 1961 […]

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    सेंट पॉल चर्च

    दीव में सेंट पॉल चर्च लगभग 400 साल पुराना चर्च है। इसका निर्माण वर्ष 1691 में किया गया था। यह अवर लेडी ऑफ इमैक्यूलेट कॉन्सेप्शन को समर्पित है। दीव सेंट पॉल चर्च को दीव में आज तक कार्यरत एकमात्र चर्च माना जाता है। यह 400 वर्ष पुराना चर्च गोवा के बोम जीसस चर्च के काफी […]

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    दीव किला

    पर्यटकों की रुचि के स्थानों में, दीव का किला एक प्रमुख स्थान रखता है। यह एक विशाल और भव्य संरचना है, जो द्वीप के तट पर स्थित है। किले से समुद्र का शानदार दृश्य दिखाई देता है। इस किले का निर्माण 1535 और 1541 ई. के बीच एक रक्षा समझौते के बाद हुआ था। यह […]

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